शुक्रवार, 28 अगस्त 2009

बेदर्द दर्द?


दर्द को भी अब दर्द होने लगा


दर्द ख़ुद ही मेरे घाव धोने लगा


दर्द के मारे हम तो बहुत रोये


अब दर्द ख़ुद मुझे छूकर रोने लगा।

3 टिप्‍पणियां:

संगीता पुरी ने कहा…

सुदर अभिव्‍यक्ति !!

ओम आर्य ने कहा…

बेहद दर्दनाक.........और क्या कहे.....

http://anusamvedna.blogspot.com ने कहा…

दर्द के मारे हम तो बहुत रोये
अब दर्द ख़ुद मुझे छूकर रोने लगा।


वाह ....सुंदर बेहद सुंदर .....