सोमवार, 23 नवंबर 2009

२६/११






एक गोली



सन्न से आकर



सीने में धंसी होगी,



जब गिन रहा था



वो आख़िरी साँसें



उसके सामने



उसकी बीवी की उजड़ी मांग



बच्चों का चेहरा



और बूढी माँ भी रोती रही होगी ...




1 टिप्पणी:

निर्मला कपिला ने कहा…

मार्मिक और सटीक अभिव्यक्ति शुभ्कामनायें