शुक्रवार, 30 जनवरी 2009

मंगलवार, 13 जनवरी 2009

दो शब्द




मैं गया


वो आई


मिटी तनहाई।


वो जवां


मैं जवां


हम कहाँ?


वो हंसी


मैं हंसा


दिल फंसा।


वो बोली


मैं बोला


राज़ खोला।


मैं गरीब


वो अमीर


बोला ज़मीर।


वो रूठी


मैं रूठा


विश्वास टूटा।


वो दुखी


मैं दुखी


किस्मत रूठी।


वो वहाँ


मैं यहाँ


हम कहाँ?


वो दुल्हन


टूटे सपन


लौटे वतन।


वो जिंदा


हम दफ़न


कहानी ख़तम।